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निहिलेंट ने लॉन्च किया nSEPIA बीटा प्लेटफॉर्म; भावनात्मक स्थिति को समझकर उन्हें सुधारने वाला दुनिया का पहला इमोशनल वेलनेस प्लेटफॉर्म
nSEPIA बीटा को पहले चरण में मार्केट टेस्टिंग के लिए शुरू किया गया है।
पुणे: निहिलेंट ने nSEPIA बीटा नाम का एक नया प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। यह दुनिया का पहला इमोशनल वेलनेस प्लेटफॉर्म है, जो किसी व्यक्ति की भावनाओं को समझकर कुछ ही मिनटों में उसे बेहतर बनाने के लिए व्यक्तिगत सुझाव देता है। फिलहाल यह प्लेटफॉर्म मार्केट टेस्टिंग के लिए उपलब्ध है।
nSEPIA के प्राइवेट बीटा लॉन्च का उद्घाटन श्री किरण देशपांडे (एग्जीक्यूटिव काउंसिल मेंबर, सेमीएक्स आईआईटी बॉम्बे और बोर्ड मेंबर, ट्रीज फाउंडेशन) के हाथों रिबन काटकर किया गया। इस कार्यक्रम के साथ भावनात्मक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नए बदलाव की शुरुआत हुई। इस अवसर पर “फाउंडिंग सर्कल” नाम का पहला समूह भी बनाया गया, जिसमें चुने गए लोग प्लेटफॉर्म का उपयोग करेंगे और इसके आगे के विकास में भी योगदान देंगे।
nSEPIA एक “क्लोज्ड लूप” तरीके से काम करने वाला प्लेटफॉर्म है। इसका उद्देश्य है कि भावनात्मक स्वास्थ्य हर व्यक्ति के लिए आसान, समझने योग्य और जरूरत पड़ने पर तुरंत उपलब्ध होनी चाहिए। इसलिए भावनाओं को व्यवस्थित तरीके से समझने और उसे मापने के लिए इस प्लेटफॉर्म को तैयार किया गया है। यह प्लेटफॉर्म पहले एक छोटे से स्कैन के जरिए यूज़र की भावनात्मक स्थिति पहचानता है, फिर उसी के अनुसार व्यक्तिगत सुझाव देता है और फिर दोबारा स्कैन करके यह दिखाता है कि कितना बदलाव आया है। इस तरह यह प्लेटफॉर्म भावनाओं को केवल अनुमान या व्यक्तिगत सोच पर आधारित रखने के बजाय उन्हें साफ तौर पर समझने और मापने योग्य तरीके से समझने में मदद करता है।
आज के समय में जब तनाव, चिंता, थकान और मानसिक दबाव हमारी रोज़मर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनते जा रहे हैं। ऐसे में nSEPIA एक ऐसी कमी को पूरा करने की कोशिश करता है, जिसे अब तक ठीक से हल नहीं किया गया था। जहां शारीरिक स्वास्थ्य को आसानी से मापा जा सकता है, वहीं भावनात्मक स्वास्थ्य अब तक खुद की समझ या महसूस करने पर ही निर्भर था। nSEPIA इसी स्थिति को बदलने के लिए बनाया गया है, ताकि लोग अपनी भावनाओं को साफ तरीके से समझ सकें, उन्हें ट्रैक कर सकें और समय के साथ बेहतर बना सकें।
यह प्लेटफॉर्म 30 सेकंड के स्कैन से शुरू होता है, जो यूज़र की भावनात्मक स्थिति को तुरंत पहचान लेता है। यह इमोस्केप नाम के एक क्लिनिकली टेस्ट किए गए एआई इंजन पर आधारित है। यह भावनाओं को पहचानते समय व्यक्ति के हावभाव, भाषा या संस्कृति पर निर्भर नहीं रहता। इसलिए यूज़र को यह अधिक सटीक जानकारी मिलती है कि वह वास्तव में कैसा महसूस कर रहा/रही है। इसके बाद यूज़र को उसकी भावनात्मक स्थिति का एक विज़ुअल रूप “इमोशन ऑर्ब” के रूप में दिखाई जाती है। साथ ही, उस स्थिति को आसान भाषा में समझाया जाता है और उसके आधार पर उपयोगी सुझाव भी दिए जाते है।
इस प्लेटफॉर्म का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा इमोस्केप इंजन है। यह एक एआई आधारित सिस्टम है, जो चेहरे के छोटे-छोटे और अपने आप होने वाले संकेतों के आधार पर व्यक्ति की भावनात्मक स्थिति को तुरंत पहचान लेता है। यह भावनाओं को समझने के लिए हावभाव या भाषा पर निर्भर नहीं रहता। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को यह समझने में मदद करना है कि वे वास्तव में क्या महसूस कर रहे हैं और उन भावनाओं को बेहतर तरीके से संभाल सकें।
पहचानी गई भावनात्मक स्थिति के आधार पर nSEPIA यूज़र्स को संगीत, श्वसन व्यायाम, योग और ध्यान जैसे विज्ञान आधारित उपाय सुझाता है। ये सामान्य सुझाव नहीं होते, बल्कि हर व्यक्ति की उस समय की स्थिति के हिसाब से दिए जाते हैं। इस प्लेटफॉर्म में इमोशन स्केल, प्रोग्रेस ट्रैक करने की सुविधा और दोबारा स्कैन करने की सुविधा भी है। इससे यूज़र आसानी से देख सकते हैं कि सुझाव अपनाने के बाद उनकी भावनात्मक स्थिति में कितना बदलाव आया है।
भावनाओं को साफ तौर पर समझना, व्यक्तिगत सुझाव देना और उनके असर को मापना इन तीनों का एक साथ मेल nSEPIA को खास बनाता है और यही इसे अन्य वेलनेस प्लेटफॉर्म से अलग बनाता है। यह सिर्फ एक मेडिटेशन ऐप या थेरेपी का विकल्प नहीं है, बल्कि एक ऐसा सिस्टम है जो भावनाओं को मापता है, उसी के अनुसार सुझाव देता है और फिर उनके परिणाम को भी जांचता है।
इस बीटा लॉन्च के जरिए निहिलेंट को nSEPIA को बाजार में परखने का मौका मिलेगा। इसमें देखा जाएगा कि यूज़र इस प्लेटफॉर्म का कैसे इस्तेमाल करते हैं और उनकी क्या प्रतिक्रिया होती है। इससे मिलने वाला फीडबैक आगे के विकास में मदद करेगा। साथ ही यह भी समझने में मदद मिलेगी कि यूज़र को कौन से उपाय ज्यादा उपयोगी लगते हैं और यह प्लेटफॉर्म रोज़मर्रा के भावनात्मक स्वास्थ्य में कैसे मदद कर सकता है।
लॉन्च के मौके पर निहिलेंट के फाउंडर और एग्जीक्यूटिव चेयरमैन श्री एल. सी. सिंह ने कहा,“आज टेक्नोलॉजी की मदद से हम बाहरी लगभग हर चीज़ को माप सकते हैं, लेकिन हमारी भावनाओं को अभी भी ठीक से समझा नहीं जा सकता। nSEPIA इसी स्थिति को बदलने का एक प्रयास है। nSEPIA बीटा भावनात्मक स्वास्थ्य को देखने का एक नया तरीका बाजार में लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भावनात्मक स्वास्थ्य का हमारे रोज़मर्रा के जीवन पर बड़ा असर होता है, लेकिन अब तक इसे सही तरीके से मापने और समझने की सुविधा नहीं थी। nSEPIA इसी कमी को दूर करने के लिए बनाया गया है। यह प्लेटफॉर्म यूज़र्स को अपनी भावनात्मक स्थिति को बेहतर तरीके से समझने, उसके अनुसार सही कदम उठाने और समय के साथ उसमें होने वाले बदलाव को देखने में मदद करता है। अब जब बीटा वर्ज़न मार्केट टेस्टिंग के लिए उपलब्ध है, तो हमें यह देखने की उत्सुकता है कि यह प्लेटफॉर्म असल जीवन में कैसे उपयोगी साबित होता है।”
nSEPIA बीटा लॉन्च के साथ निहिलेंट ने एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाया है। यह प्लेटफॉर्म लोगों को अपनी भावनाओं को साफ़ तौर पर समझने, सही तरीके से प्रतिक्रिया देने और अपनी प्रगति को मापने में मदद करता है। साथ ही, यह भावनात्मक स्वास्थ्य को देखने और समझने का एक नया और आसान तरीका भी पेश करता है।


